संभल।
यूपी के संभल जिले में कूड़ा उठाने में ऐसा खेल किया गया कि सरकार को जिससे लाखों का चूना हर महीने लगाया जा रहा था। पोल तब खुली , जब जिले के डीएम डॉ राजेंद्र पैंसिया ने अपनी टीम के साथ नगर पालिका ऑफिस में छापेमारी की। करीब 7 घंटे तक छापेमारी और सघन जांच के बाद जो तथ्य सामने आए वह वाकई चौंकाने वाले थे। कूड़ा उठाने के लिए कागजों में कुल 37 गाड़ियां और 246 लोग तैनात किए गए थे। जिनके लिए बाकायदा सैलरी और डीजल हर महीने भरवारा जाता था लेकिन जब डीएम ने जांच की तो मालूम पड़ा के असल में फील्ड में मात्र 148 लोग और 20 गाड़ियां ही काम कर रही है । जिसके बाद डीएम ने कूड़ा कलेक्शन कंपनी के 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने कंपनी के मैनेजर, फील्ड ऑफिसर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, संभल जिले के डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया बुधवार सुबह अचानक एडीएम प्रदीप कुमार और एसडीएम विनय मिश्रा के साथ शहर के मुख्य बाजार और कई वार्डों में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो जगह-जगह उन्हें कूड़े के ढेर दिखाई दिए। इसके बाद डीएम ने सदर कोतवाली इलाके स्थित नगर पालिका परिषद के कार्यालय पर छापेमारी की।
डीएम यहां पहुंचते ही सबसे पहले डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी और शहर भर के सभी सफाई कर्मचारियों और कंपनी के सुपरवाइजरों और मैनेजर को नगर पालिका बुलाया गया। डीएम ने सभी सफाई कर्मियों को बुलाकर जांच पड़ताल की तो कई कर्मियों की जगह प्राइवेट कर्मचारी और उनके रिश्तेदार काम करते मिले।
सूची हाथ में आते ही पकड़ा गया खेल:
जिसके बाद डीएम ने कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के मैनेजर और फील्ड ऑफिसर से सूची मांगी तो कंपनी श्री बालाजी स्टील एंड बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर संस्था के द्वारा 246 सफाई कर्मचारियों की सूची दी गई।डीएम ने कंपनी के कर्मियो को भी नगरपालिका में बुला लिया। सफाई कर्मियों को बुलाते ही कंपनी का फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। जहां 246 सफाई कर्मचारियों में से केवल 148 कर्मचारी ही नगरपालिका में काम कर रहे थे, जबकि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी के द्वारा 246 कर्मचारियों की सैलरी निकालकर सरकारी पैसे का गबन किया जा रहा था।
गाड़ियों में भी खेल:
यही नहीं कम्पनी ने कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में भी जबरदस्त खोटाला कर रखा था। कागजों में 37 गाड़ियां डोर टू डोर कूड़ा उठाती बताई गई थीं,जबकि असल मे 20 ही गाड़ियां थीं। गाड़ियों में डीजल,सर्विस आदि तमाम तरह के फर्जी बिल लगा अलग से चूना लगाया जा रहा था।
मोबाइल चेक करने पर एक और खुलासा:
डीएम ने जब छापेमारी के दौरान कंपनी के सुपरवाइजर के मोबाइल फोन चेक किए तो एक और बड़ा कारनामा सामने आया। डीएम की छापेमारी शुरू होते ही कूड़ा कलेक्शन कंपनी के मैनेजर द्वारा सुपरवाइजरों के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज करके कहा गया था कि डीएम की पूछताछ पर सभी लोग अपनी टीम में 4 सफाईकर्मी होने की जानकारी दें।
3 गिरफ्तार , 6 पर FIR:
फिलहाल, सदर कोतवाली पुलिस ने पालिका अध्यक्ष आशिया मुशीर की तहरीर के आधार पर कूड़ा कलेक्शन कंपनी के प्रतिनिधि अरविंद गुप्ता और उदित संक्धार, मैनेजर अंकुश और तीन सुपरवाइजर शारिक, इंतजार और सुहैब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीएम के आदेश पर कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और एसएसआई श्रवण कुमार ने कूड़ा कलेक्शन कंपनी के प्रतिनिधि अरविंद गुप्ता और उदित संक्धार, मैनेजर अंकुश को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं, डीएम ने कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के घोटाले की जांच के लिए एडीएम प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एक हाई लेवल जांच टीम गठित कर दी है।