दूतावास से पुलिस ने साधा संपर्क, दी गई जानकारी हवाला और चाइना तक जुड़ रहे तार
नोएडा,
अमेजन पार्सल, तकनीकी सहायता और लोन प्रक्रिया के नाम पर फर्जी मैसेज और लिंक भेजकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले सरगना समेत सभी 76 आरोपियों को जमानत नहीं मिली है। इस बार पुलिस ने पहले गिरोह के सरगना को दबोचा फिर कॉल सेंटर पर छापा मारा। इस मामले की जांच अब अमेरिका तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया है।
इस मामले में चाइना और हवाला कारोबार की जानकारी जुटाई जा रही है। नोएडा पुलिस की तरफ से उन अपराधियों की जानकारी दी गई हैए जो अमेरिका में रहकर इस कॉल सेंटर के लिए ई.मेल ब्लास्टिंग करवा रहे थे। इसमें एक अमेरिकी नागरिक का नाम भी सामने आ गया हैए जिसे यहां की पुलिस ने वांछित किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में जांच बढऩे पर उनसे जो भी जानकारी मांगी जाएगी उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। विभिन्न विदेशी और भारतीय एजेंसियों के इनपुट पर पुलिस पहले भी ठगी करने वाले कई कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है
कि अमेरिका में जांच बढऩे पर उनसे जो भी जानकारी मांगी जाएगी उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में जांच बढऩे पर उनसे जो भी जानकारी मांगी जाएगी उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि बीते कुछ महीने में जितने भी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ, ज्यादातर मामलों में सरगना बच निकले थे। जांच और पूछताछ के दौरान पता चला कि अधिकतर मामले में पुलिस की कार्रवाई के समय सरगना कॉल सेंटर के आसपास ही अपने वाहनों में बैठे हुए थे। कार्रवाई होते देख वे फरार हो गए। इसबार जैसे ही पुलिस को फर्जी कॉल सेंटर का इनपुट मिलाए टीम ने सबसे पहले कॉल सेंटर के आसपास तीन सौ मीटर की परिधि में खड़ी गाडिय़ों की तलाशी लेनी शुरु कर दी। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पूछताछ के दौरान ही कॉल सेंटर के सरगना पुलिस के हत्थे चढ़ गए। सभी सेंटर के बाहर अपनी कारों में बैठकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। सरगना को दबोचने के बाद पुलिस कॉल सेंटर के अंदर पहुंची और वहां काम कर रहे सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से भारी संख्या में मोबाइलए कंप्यूटर और राउटर बरामद हुए। सेक्टर.6& थानाक्षेत्र के ए ब्लॉक में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर को कुरुनाल रेए सौरभ राजपूतए सादिक ठाकुर ओर साजिद संचालित कर रहे थे। पुलिस गिरोह के सरगना समेत अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास पता करने में जुट गई है।
आरोपियों में नौ महिलाएं भी शामिल हैं। सरगना तक रकम हवाला के जरिए पहुंच रही थीए ऐसे में पुलिस का पूरा जोर भी इसी एंगल पर है। कॉल सेंटर मामले में चीन कनेक्शन भी सामने आया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार किया है। आरोपियों के पास से जो डाटा मिला हैए उसकी जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट से सेंट्रल नोएडा पुलिस ने संपर्क साधा है।