नोएडा।
किसी भी नए एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट की लैंडिंग और टेकऑफ से पहले कई सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है
कि एयरपोर्ट पूरी तरह से सुरक्षित और संचालन के लिए तैयार हो। एयरपोर्ट से टेकआॅफ और लैंड होने वाली फ्लाइट में सवार लोगों की सुरक्षा के साथ ही ग्राउंड स्टॉफ की सुरक्षा के लिए कई मानकों को पूरा करना जरूरी होता है।
सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का उद्देश्य एयरपोर्ट को ऑपरेशनल रूप से सुरक्षित बनाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना है।
एयरपोर्ट की संरचनात्मक सुरक्षा
रनवे और टैक्सीवे का निरीक्षण : रनवे की स्थिति, सर्फेस, मार्किंग्स, साइन बोर्ड, और अन्य संरचनाओं की जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अवरोध या सुरक्षा खतरा नहीं है।
लैंडिंग और टेकऑफ क्षेत्र की स्थिति जानने के दौरान रनवे के दोनों सिरों पर सुरक्षा जांच की जाती है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि रनवे में कोई रुकावट नहीं हो। रनवे लाइटिंग और सिग्नल सिस्टम की जांच करते समय देखा जाता है
कि रात के समय और खराब मौसम में पायलटों को मार्गदर्शन देने के लिए रनवे लाइट्स, इन्क्लाइन लाइटिंग और अन्य सिग्नल सिस्टम की जांच की जाती है।
मौसम और दृश्यता का मूल्यांकन:
मौसम की स्थिति जानने के लिए मौसम विभाग से अपडेट प्राप्त किया जाता है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि मौसम उड़ान संचालन के लिए उपयुक्त हो। इसमें दृश्यता, हवा की दिशा और गति, और संभावित बर्फबारी या अन्य मौसम संबंधी जोखिम शामिल होते हैं। विंड गेज और मौसम स्टेशन यह सुनिश्चित करते हैं
कि विमान सुरक्षित रूप से टेकऑफ और लैंड कर सकें।
सुरक्षा और आपातकालीन प्रणालियां:
इसमें प्रमुख रूप से अग्नि सुरक्षा के तहत एयरपोर्ट पर फायर फाइटिंग सुविधाओं और उपकरणों का परीक्षण किया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि आग लगने की स्थिति में आपातकालीन टीम जल्दी प्रतिक्रिया कर सके। आपातकालीन गेट और इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ते, ट्रैकिंग, और हेल्थ केयर सुविधाओं का परीक्षण किया जाता है।
सुरक्षा उपकरणों की जांच के तहत एयरपोर्ट पर सुरक्षा गेट्स, X-ray मशीन, और मेटल डिटेक्टर जैसी सुविधाओं की पूरी जांच होती है ताकि यात्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एयरपोर्ट प्रबंधन और नियंत्रण कक्ष:
टावर और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के कर्मचारियों और टावर उपकरणों की कार्यप्रणाली की जांच की जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है
कि सभी संचार प्रणाली सही से काम कर रही हो ताकि उड़ान संचालन सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो सके। ट्रैफिक नियंत्रण प्रणाली का कार्य यह सुनिश्चित करना होता है कि विमान के लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान कोई भ्रम न हो और सब कुछ व्यवस्थित रूप से चले।
एयरलाइन और विमान की तैयारी
विमान सुरक्षा निरीक्षण के तहत पहली उड़ान से पहले, विमान की पूरी सुरक्षा जांच की जाती है। इसमें ईंधन की स्थिति, विमान के तकनीकी सिस्टम, और पायलटों की तैयारियों की जांच शामिल होती है।
पायलटों और एयरलाइन स्टाफ की ट्रेनिंग इसलिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि पायलटों और एयरलाइन कर्मियों को नए एयरपोर्ट पर काम करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रक्रियाओं और प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाता है।
सामान्य सुरक्षा उपाय:
सुरक्षा जांच गेट्स और कस्टम चेकिंग यात्री और उनका सामान जांचने के लिए सुरक्षा प्रक्रिया लागू की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई संदिग्ध वस्तु या खतरा एयरपोर्ट पर न पहुंचे।