30 दिन से वकील हड़ताल कर रहे, बार ने कहा- राजनीति के साथ ये लोग वकील, मगर एक्टिव नहीं
गाजियाबाद,
गाजियाबाद में वकील पिछले एक महीने से हड़ताल कर रहे हैं। वकीलों के समर्थन में मौजूदा विधायक और मंत्री नहीं पहुंचे। ये राजनीति में सक्रिय होने के साथ वकील भी हैं। बार एसोसिएशन ने इसे अनदेखी मानते हुए चार जनप्रतिनिधियों की बार की सदस्यता रद्द कर दी है। इसमें साहिबाबाद से भाजपा विधायक और यूपी सरकार के मंत्री सुनील शर्मा का नाम शामिल है।
इसके अतिरिक्त, यूपी सरकार के राज्यमंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप, मुरादनगर से विधायक अजीत पाल त्यागी और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की सदस्यता निरस्त हुई है। साथ ही, बार ने आदेश भी जारी किया। जिसमें लिखा है कि बार के हर साल होने वाले चुनाव में ये लोग वोट नहीं डाल सकेंगे। 29 अक्टूबर को गाजियाबाद जिला जज अनिल कुमार की कोर्ट में वकीलों के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया गया था। कोर्ट रूम में लाठीचार्ज के बाद घटना के विरोध में वकील 4 नवंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। गाजियाबाद के वकील उसी दिन से धरने पर हैं।
पहले सप्ताह अधिवक्ता कचहरी परिसर में ही धरने पर रहे, लेकिन 11 नवंबर से अधिवक्ता आंदोलन को व्यापक बनाते हुए रोजाना दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। वकीलों का यह आंदोलन वेस्ट यूपी हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के अंतर्गत आने वाले वेस्ट यूपी में चल रहा है। आंदोलन के मद्देनजर समिति के अधिकार गाजियाबाद बार एसोसिएशन के पास आ गए हैं।
वकीलों की ये हैं मुख्य मांगे
जिला जज का निलंबन हो।
लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
अधिवक्ताओं के लिए प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाए।
अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए।
जख्मी अधिवक्ताओं को आर्थिक मदद दी जाए।