नोएडा,
थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही धोखा धड़ी संबंधित 18 लाख 63 हजार रुपए फ्रीज कराए। आरोपी ने ठगी की रकम डिजी सर्वे टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते मे ट्रांसफर करवाए थे। उक्त खाते 114 नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज है।
आरोपी की पहचान अंकित अरोड़ा हुई है। इसे गौर सिटी के पास से गिरफ्तार किया गया। दरअसल, 12 जून 2024 को पीड़ित ने स्थानीय थाने में शिकायत की कि 15 जनवरी 2024 को फोन पर एक मैसेज भेजकर पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के लिए कहा गया। पहले उसे मुनाफा दिखाया गया। लालच में आकर पीड़ित ने थोड़े थोड़े करके 34,82,894 रुपए इन्वेस्ट कर दिए। बाद में उसे ग्रुप से आउट कर दिया गया। साइबर सेल मामले की जांच कर रहा था। जांच में अंकित अरोड़ा का नाम प्रकाश में आया। आंकित ने पीड़ित से धनराशि को डिजी सर्वे टेक्नॉलाजीस एंड रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवाया था। इस खाते में आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। जिसकी नेट बैंकिंग आदि सभी कार्य आरोपी कर रहा था। आरोपी ने बड़ी चालाकी से ये कंपनी अपने अधीन कर्मचारियों के नाम पर तैयार की गई और बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कर उसकी नेट बैंकिंग आदि सभी कार्य अपने हाथों में लिया।पूछताछ में अंकित ने बताया कि वह कंपनी खोलकर डिजिटल मार्केटिंग का काम करने के बहाने डाटा एकत्र करता था। लोगों को टेलीग्राम में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधडी करता था। कुछ समय काम करने के बाद कंपनी बंद कर देता था। ताकि पकड़ा न जा सके और पता बदल बदल कर किराये पर रहता था। अंकित ने धोखाधड़ी करने के लिए कई फर्जी पते पर खाते खुलवाए। अंकित के खिलाफ थाना साइबर क्राइम गाजियाबाद ,थाना शहादरा दिल्ली ,कर्नाटक में मुकदमे दर्ज हैं।
यही नहीं उक्त कंपनी के खाते में विभिन्न राज्यों कर्नाटक से 26, महाराष्ट्र से 19, तमिलनाडु से 17, तेलंगाना से 09, आंध्र प्रदेश से 07, उत्तर प्रदेश से 06, केरल से 06, दिल्ली- से 05, गुजरात से 04, छत्तीसगढ़ से 02, हरियाणा से 03, ओडिशा से 01, पंजाब से 03, राजस्थान से 02, पश्चिम बंगाल से 03, लद्दाख से 01 कुल इतनी शिकायत मिली थी।