नई दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण चरम स्तर पर है। मानो जैसे कि दिल्ली प्रदूषण की चादर में लिपटता हुआ नज़र आ रहा हो। दिल्ली के कई इलाके हॉटस्पॉट (अत्यधिक प्रदूषित)बन चुके है। इन्हीं में से एक है पूर्वी दिल्ली का आनंद विहार। दिल्ली सरकार ने आनंद विहार इलाके को दिल्ली का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट घोषित किया है। जिसके बाद से शुक्रवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के नेतृत्व में प्रदूषण को कम करने के लिए आनंद विहार में ड्रोन से जल छिड़काव करने की शुरुआत की।
पायलट प्रोजेक्ट में शुरू किया गया ड्रोन से जल छिड़काव
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आनंद विहार में ड्रोन से जल छिड़काव को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। यदि इस प्रोजेक्ट में सफल मिलती है तो दिल्ली के अन्य हॉटस्पॉट में भी ड्रोन से जल छिड़काव की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए शुक्रवार से आनंद विहार इलाके में जल छिड़काव शुरू किया गया है। दीपावली के बाद से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
प्रदूषण की रोकथाम के लिए बनाई ड्रोन से जल छिड़काव की योजना: डीपीसीसी
पर्यवरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली के हॉटस्पॉट इलाकों में अन्य इलाकों की तुलना में प्रदूषण ज्यादा होता है। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया जाता है लेकिन कई जगह ऐसी होती है जहां पर गाड़ियां नहीं जा सकती हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति(DPCC) की ओर से प्रदूषण की रोकथाम के लिए ड्रोन से पानी के छिड़काव की योजना बनाई है। यहां पर पानी की छिड़काव के बाद स्टडी करेंगे, यदि प्रदूषण की स्थिति में सुधार देखा जता है तो दिल्ली के अन्य हॉटस्पॉट वाले इलाकों में ड्रोन से पानी का छिड़काव किया जाएगा।
इस बार भी नहीं हो पाएगी कृत्रिम वर्षा
दिल्ली सरकार ने दीपावली के बाद प्रदूषण को खत्म करने के लिए कृत्रिम वर्षा करने की तैयारी की थी, लेकिन इसके लिए करीब 11 विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी की जरूरत थी। इस एनओसी के लिए पर्यावरण मंत्री की और से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को कई बार इस संबंध में पत्र भी लिखा गया लेकिन इस पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया जा सका है। ऐसे में इस बार भी दिल्ली में कृत्रिम वर्षा नहीं हो पाएगी। ऐसे में दिल्ली सरकार ने दिल्ली के हॉटस्पॉट इलाकों में ड्रोन से जल छिड़काव करने की तैयारी की है।