शुक्रवार को ट्राईस्टार पिक्चर्स ने $50 मिलियन के बजट में बनी नई AI-आधारित फिल्म “Here” रिलीज की, जिसका निर्देशन रॉबर्ट जेमेकिस ने किया है। यह पहली हॉलीवुड फिल्म है जिसमें टॉम हैंक्स और रोबिन राइट को AI तकनीक के जरिये डी-एज किया गया है, जिससे उन्हें अलग-अलग उम्र के किरदारों में दिखाया गया है।
रियल-टाइम AI फेस ट्रांसफॉर्मेशन की अनोखी तकनीक
इस फिल्म में रियल-टाइम जनरेटिव AI फेस ट्रांसफॉर्मेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो विजुअल इफेक्ट्स की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ती है। इस तकनीक ने टॉम हैंक्स और रोबिन राइट के चेहरों को उम्र के हिसाब से ढाला है, जिससे महीनों के पोस्ट-प्रोडक्शन का काम बच गया।
“Here” का आधार: 2014 की ग्राफिक नॉवेल
यह फिल्म एक 2014 की ग्राफिक नॉवेल पर आधारित है, जिसमें न्यू जर्सी के एक लिविंग रूम में विभिन्न कालखंडों को दर्शाया गया है। प्रोडक्शन टीम ने अलग-अलग कलाकारों की जगह टॉम हैंक्स और रोबिन राइट के AI मॉडीफाइड चेहरों को कास्ट किया है, जिससे उन्हें अलग-अलग उम्र के किरदारों में दिखाया जा सके।
AI फेस मॉडिफिकेशन की तकनीकी कंपनी मेटाफिजिक
इस फिल्म में इस्तेमाल हुई AI फेस मॉडिफिकेशन तकनीक मेटाफिजिक कंपनी ने विकसित की है। इसने पुराने फेशियल मूवमेंट्स, स्किन टेक्सचर और लाइटिंग कंडीशन्स के डेटा का इस्तेमाल कर एक्टर्स के चेहरों को रियल-टाइम में ट्रांसफॉर्म किया। इस प्रक्रिया ने ट्रेडिशनल CGI को पीछे छोड़ते हुए रियल-टाइम फेस ट्रांसफॉर्मेशन की सुविधा दी है।
हॉलीवुड में AI का बढ़ता प्रभाव और विवाद
AI के बढ़ते उपयोग से हॉलीवुड में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। SAG-AFTRA यूनियन स्ट्राइक के दौरान स्टूडियोज़ और यूनियन्स के बीच AI को लेकर काफी बहस हुई। कुछ ने AI के प्रयोग पर सीमाएं तय की हैं, जबकि अन्य इसे भविष्य का अभिन्न हिस्सा मान रहे हैं।
AI का भविष्य: टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी का संगम
AI तकनीक अब तक दो और बड़ी फिल्मों में इस्तेमाल की जा चुकी है। इन फिल्मों में पुराने किरदारों को फिर से जीवंत किया गया है। हालांकि, कुछ स्टार्स इसे लेकर चिंतित हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी कंपनियां लगातार AI फिल्ममेकिंग टूल्स पर काम कर रही हैं, जो डायरेक्टर्स के लिए नए प्रयोग के अवसर लाएंगे।