जम्मू-कश्मीर।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा से पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हुए बवाल की खबर सामने आ रही है। ये ताजा मामला आज ही यानी गुरुवार सुबह का ही है। जब सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद खड़ा हो गया। ये विवाद इस कदर बढ़ा कि कब ये हाथापाई और मारपीट में बदल गया पता ही नहीं चला। मारपीट भरे विवाद के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई।
बैनर का विरोध और प्रदर्शन बना सदन में हिंसा की वजह
दरअसल सदन में कार्यवाही के दौरान आवामी इत्तेहाद पार्टी के मुखिया इंजीनियर राशिद के भाई खुर्शीद अहमद शेख ने आर्टिकल 370 को बहाल करने के प्रस्ताव को पेश करते हुए एक बैनर का प्रदर्शन किया जिसमें आर्टिकल 370 लिखा हुआ था। जिस पर विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कड़ा विरोध जताया। इन्हीं के प्रदर्शन और विरोध के कारण विवाद ने ऐसा हिंसात्मक रूप लिया कि मार्शलों को बुलाया गया और सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
कौन है सुनील शर्मा ?
सुनील शर्मा भाजपा के विधायक दल के नेता है और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अदा कर रहे हैं। 47 वर्षीय शर्मा विधानसभा में लगातार दूसरी बार विधायक बनें। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में 2022 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद नई विधानसभा पैडर-नागसेनी से जीत हासिल की। उनका मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस की पूजा ठाकुर से था। पूजा किश्तवाड़ जिला विकास परिषद (डीडीसी) की वर्तमान अध्यक्ष हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, सुनील शर्मा ने पैडर-नागसेनी सीट से पूजा ठाकुर को 1546 वोटों से हराया।
इससे पहले सुनील शर्मा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में किश्तवाड़ से चुनाव लड़ा और जीते भी। तब 2014 में उन्होंने मुफ्ती सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्य किया। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की है और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्हें जम्मू-कश्मीर में पार्टी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया जाता है।