नोएडा।
चिकित्सा के क्षेत्र में एनेस्थेसिया पर 22 वर्ष की कड़ी रिसर्च एवं मेहनत करने के बाद डाक्टर कपिल सिंघल को एनेस्थेसिया के 46वें उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन में इंडियन सोसाइटी ऑफ़ एनेस्थेसिया यूपी स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। बता दें कि यह कार्यक्रम 26 से 27 अक्टूबर
तक ओरछा में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में डा० कपिल सिंघल ने बोलते हुए कहा कि 22 वर्ष की तपस्या या रिसर्च में मैंने यह देखा कि लोग अक्सर ऑपरेशन कराने से पहले एनेस्थेसिया चेकअप (पीएसी) नहीं कराते हैं जबकि अधिकतर मरीज को सांस,दिल की बीमारी,खून की कमी,मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी होती है जिनका पता पीएसी जांच के दौरान चल पाता है। ऐसे मरीज को ऑपरेशन से पहले फिट किया जाता है तब सर्जरी की सलाह दी जाती है और इस जांच की वज़ह से हम थिएटर में होने वाली मौतों को 50 से 60 फीसदी कम कर सकते हैं।
डाक्टर कपिल सिंघल ने आम नागरिकों को भी आना चाहिए स्वास्थ्य संबंधी जुड़े छोटे छोटे टिप्स:
डाक्टर कपिल सिंघल का मानना है दिनचर्या को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को सीपीआर प्रशिक्षण प्रदान करने में दृढ़ता से विश्वास रखते हैं इसके पीछे की वजह यह है कि पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि बहुत कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक जैसी बीमारियां आम होती जा रही है इस लिए इन्होंने उत्तर प्रदेश में ऐसे कई प्रशिक्षण परिसर और जागरूकता कार्यक्रम चला रखें है।
नोएडा से योगेश राणा की रिपोर्ट।