ईआरसीपी-पीकेसी परियोजना का कर सकते है शिलान्यास
जयपुर,
राजस्थान में अगले महीने विधानसभा की 7 सीटों पर होने वाले उपचुनावों के चुनाव प्रचार का आगाज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जयपुर से करेंगे। जयपुर के दादिया में 27 अक्टूबर को उनकी जनसभा प्रस्तावित है। पीएम मोदी उपचुनाव वाली सातों सीटों को साधेंगे। जनसभा में जयपुर संभाग में आने वाली दौसा, देवली-उनियारा के साथ झुंझुनूं सीट के प्रत्याशी और कार्यकर्ता मौजूद रह सकते हैं।
बता दें कि करीब एक साल पहले विधानसभा चुनावों में पीएम मोदी ने 25 सितंबर 2023 को दादिया में ही जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा की एक तस्वीर काफी चर्चित हुई थी। इस तस्वीर में पीएम मोदी के बगल में वसुंधरा राजे बैठी हुई थी। वहीं, भजनलाल शर्मा मंच पर पिछली पंक्ति में बैठे हुए थे। अब एक बार फिर पीएम मोदी दादिया में ही जनसभा को संबोधित करेंगे। लेकिन अब तस्वीर कुछ बदली हुई नजऱ आएगी। उस समय पिछली पंक्ति में बैठे भजनलाल शर्मा अब पहली पंक्ति में पीएम मोदी के साथ बैठे हुए नजऱ आएंगे।
दादिया में हुई उस जनसभा में दीया कुमारी ने मंच का संचालन किया था। उस सभा से बीजेपी ने महिला सशक्तिकरण का मैसेज भी दिया था। मंच संचालन से लेकर सभा की तमाम जिम्मेदारियां महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ही संभाली थी। उस सभा से ही संकेत मिल गए थे कि प्रदेश में सरकार बनने पर दीया कुमारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती हैं। सरकार बनने पर दीया कुमारी को उप मुख्यमंत्री का पद दिया गया।
पीएम मोदी 27 अक्टूबर को ईआरसीपी-पीकेसी परियोजना का शिलान्यास भी कर सकते हैं। दरअसल, इस परियोजना से प्रदेश के 21 जिलों को पीने और सिंचाई का पानी मिलेगा। इस परियोजना में अधिकतर जिले पूर्वी राजस्थान के हैं। उपचुनाव वाली दो विधानसभा दौसा और देवली-उनियारा भी इन जिलों में शामिल है। ऐसे में बीजेपी उपचुनाव से पहले पीएम मोदी के हाथों परियोजना का शिलान्यास करवाकर इसका लाभ चुनाव में भी उठाना चाहती है।
दरअसल, पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का मुद्दा उठाया था। तत्कालीन गहलोत सरकार ने ईआरसीपी के लिए करीब 9 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान भी किया था।
प्रदेश में सरकार बदलते ही सीएम भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय की मध्यस्ता में मध्यप्रदेश के साथ इस परियोजना को लेकर एमओयू किया है। लोकसभा चुनावों में भी सरकार ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें इसका खास फायदा नहीं मिला था।