कानपुर देहात।
कानपुर देहात के जिलाधिकारी कार्यालय में अचानक उस वक्त हड़कम्प मच गया जब एक बुज़ुर्ग महिला अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंच गयी बुज़ुर्ग महिला के हाथ मे शिकायती प्रार्थना पत्र आँखों मे न्याय पाने की आस जुबां से निकलती आह की साहब मै ज़िंदा हूँ आपके अधिकारी यमराज बन गए है और मुझ ज़िंदा बुज़ुर्ग महिला को मरा घोषित कर दिया है।
दरअसल सरवन खेड़ा ब्लॉक के नहोली गांव की रहने वाली 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंदावती को सरवन खेड़ा खंड विकास अधिकारी ने कागजों पर मृत घोषित कर दिया। जिसकी जानकारी ना तो चंदावती को हुई ना ही उनके परिवार के किसी सदस्य को लेकिन जब लंबे समय तक चंदावती को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन का पैसा नहीं मिला। तब चंदावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर इस पूरे मामले की शिकायत की जिसकी जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि चंदावती को खंड विकास अधिकारी ने कागजों पर मृत घोषित कर दिया है।
जिसके चलते उनको मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी गई है और जब यह जानकारी चदावती को हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई गांव में यह सूचना आज की तरह फैल गई और वहां लोग चंदावती को भूत-भूत कह कर पुकारने लगे ऐसे में बुजुर्ग चंदावती की समस्याएं लगातार बढ़ने लगी इसके बाद चंदावती ने अधिकारियों की चौखट पर अपनी फरियाद सुनानी शुरू की। जिससे उन्हें सरकारी सहायता मिलने लगे और उनका जीवन आसान हो जाए, लेकिन चंदावती की सुनने वाला कोई नहीं हर जगह सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला।
इसके बाद चंदावती जिला अधिकारी कार्यालय पहुंची और कानपुर देहात के जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह को पूरी घटना बताई हालांकि जिला अधिकारी ने पूरे मामले में गंभीरता दिखाई और इस पूरे मामले की जांच कर की गई। गलती को सुधार के निर्देश दिए ,लेकिन अब देखना यह होगा की चंदावती पुनः कागजों पर कब जिंदा हो पाती है।