नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया है, जो बेहद शातिराना तरीके से कारों को चोरी कर उन्हें सोशल मीडिया के जरिए बेचने का धंधा कर रहे थे। क्राइम ब्रांच को एक कार चोरी की शिकायत मिली, जिसके बाद उन्होंने इस पर काम शुरू किया और जांच के दौरान गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
चोरी की गाड़ियाँ और फर्जी दस्तावेज़
जांच के दौरान अनवर कुरैशी नामक शख्स की पहचान हुई, जिसने पूछताछ में बताया कि वह और उसके साथी चोरी की गई गाड़ियों के असली मालिक की जानकारी जुटाकर उनके नाम पर नकली दस्तावेज तैयार करते थे। दस्तावेजों में आधार कार्ड, गाड़ी के कागजात, आरसी, और चेसिस नंबर शामिल होते थे। इन फर्जी कागजों को तैयार करने के बाद गाड़ी को बेच दिया जाता था।
सोशल मीडिया पर गाड़ियों की बिक्री
अनवर कुरैशी और उसके साथी चोरी की गाड़ियों को बेचने के लिए वेबसाइटों जैसे cardekho.com और cars24 पर उनकी इमेज और डिटेल अपलोड करते थे। इसमें उनकी मदद बैंक का एक कर्मचारी और वेबसाइट का एक व्यक्ति करते थे, जो उन्हें गाड़ियों के निरीक्षण से जुड़ी अहम जानकारी मुहैया कराते थे। इस जानकारी के आधार पर वे बड़ी आसानी से चोरी की गाड़ियाँ ऑनलाइन बेच देते थे।
दो गिरोहों का भंडाफोड़ और 13 गिरफ्तारियाँ
दिल्ली पुलिस ने अनवर कुरैशी के अलावा एक और गिरोह का भी पर्दाफाश किया है, जो इसी तरीके से गाड़ियाँ चोरी कर बेचते थे। पुलिस ने इन दोनों गिरोहों के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ जारी है। अब तक इन लोगों ने 50 गाड़ियों की जानकारी दी है, लेकिन क्राइम ब्रांच को शक है कि चोरी की गाड़ियों की संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है।