चंडीगढ़/पानीपत।
पानीपत के समालखा से कांग्रेस के प्रत्याशी धर्मसिंह छौक्कर को हरियाणा विधानसभा चुनाव के बीच झटका लगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने समालखा से प्रत्याशी धर्म सिंह छौक्कर की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि या तो आज (2 अक्टूबर) तक वह खुद ही सरेंडर कर दें, नहीं तो पुलिस उनको अरेस्ट करे।
प्रदेश की 90 सीटों पर 5 अक्टूबर को मतदान होना है। मतदान से ठीक 4 दिन पहले हाईकोर्ट ने छौक्कर के खिलाफ यह फैसला सुनाया है।
एनफोर्मेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने घर खरीदारों के पैसों की धोखाधड़ी में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इसी मामले में 5 महीने पहले ईडी ने उनके बेटे को गिरफ्तार किया था। जो अभी तक जेल में है। छौक्कर
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी हैं। धर्म सिंह छौक्कर, उनके बेटे सिकंदर सिंह और विकास छौक्कर माहिरा रियल एस्टेट समूह के मालिक और प्रमोटर हैं। 2 दिन पहले धर्म सिंह छौक्कर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रत्याशी प्रचार कर रहे हैं, फिर भी उनको गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार, ईडी और छौक्कर को नोटिस जारी किया था।
इस मामले को लेकर वरिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया कि कई एफआईआर और ईडी द्वारा छौक्कर के खिलाफ दर्ज शिकायत में गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद न तो पुलिस और न ही ईडी उन्हें गिरफ्तार कर रही है। गैर जमानती वारंट जारी होने पर भी छौक्कर ने नामांकन भरा है और खुलेआम चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार सहित ईडी और धर्म सिंह छौक्कर को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि छौक्कर व उनके बेटे पर धोखाधड़ी के कई मामले विचाराधीन हैं।
करीब 14 माह पहले ईडी ने छौक्कर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी के मुताबिक,छौक्कर से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का विवाद गुरुग्राम पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुआ। जिसमें गुरुग्राम पुलिस ने साई आइना फर्म्स प्राइवेट लिमिटेड को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया था।
इस केस में कहा गया कि इस फर्म ने 1,497 लोगों से घर के बदले 360 करोड़ रुपए ले लिए। इन लोगों को दिल्ली के नजदीक गुरुग्राम के सेक्टर 68 में घर बनाकर देने का भरोसा दिया गया। हालांकि उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया।