प्रयागराज।
जब से तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में मिलावट को लेकर विवाद शुरू हुआ है तब से देश के लोगों में खासकर हिंदू धर्म के भक्तों में गुस्सा उबाल खा रहा है। इस विवाद का असर अब संपूर्ण देश के मंदिरों में देखा जा सकता है। इसी को देखते हुए प्रयागराज के कई बड़े मंदिरों में भगवान को मिठाई के भोग पर रोक लगा दी गई है।
मंदिरों में प्रसाद के लिए नई व्यवस्था हुई लागू
मंदिरों की और से प्रसाद के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। यदि कोई भक्त भोग लगाना ही चाहता है तो घर में बने प्रसाद या फल-फूल का भगवान को भोग चढ़ाया जा सकता है। प्रयागराज की प्रसिद्ध शक्तिपीठ अलोप शंकरी और ललिता देवी मंदिर के अलावा बड़े हनुमान जी तथा मनकामेश्वर महादेव मंदिर में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।
ललिता देवी मंदिर के मुख्य पुजारी शिवमूरत मिश्रा के मुताबिक मंगलवार को इस संबंध में पुजारियों ने तिरुपति मंदिर में उठे लड्डुओं के विवाद को लेकर विचार विमर्श कर भगवान को मिठाई का भोग नहीं लगाने का फैसला किया और साथ में ये भी तय किया गया कि भगवान को गुड़-चना, फल-फूल, नारियल या घर में पवित्र अवस्था में बनाए गए प्रसाद भी भोग स्वरुप अर्पित किए जाएं। चूंकि आस्था का मामला है, इसलिए किसी भी मिठाई विक्रेता पर मिलावट को लेकर भरोसा करना उचित नहीं है। यहां भी मिलावटी घी में लड्डू या मिठाइयां बनने की आशंका प्रबल है। इसलिए तय किया गया कि अब भगवान को मिठाई का भोग ही ना लगे।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में मंदिर परिसर में ही इस तरह की दुकान शुरू करने की भी योजना है, ताकि भक्तों को यहां से भोग के लिए शुद्ध मिठाई मिल सके। इसी प्रकार अलोप शंकरी मंदिर के मुख्य संरक्षक और पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव यमुना पुरी महाराज ने कहा कि मंदिर के अंदर मिठाई प्रसाद पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्रीधरानंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने भी मंदिर में मिठाई के भोग पर रोक लगा दी है। उन्होंने डीएम को पत्र लिख कर प्रसाद के लिए शुद्ध लड्डू पेड़ा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
इसी प्रकार बड़े हनुमान जी मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने कहा कि बजरंगबली को अब चना गुड़ का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। वहीं मंदिर के लिए निर्माणाधीन कारीडोर का काम पूरा होने के बाद कैंपस में ही बजरंग बली के लिए लड़्डू पेड़ा बनाने का काम शुरू किया जाएगा। बता दें कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक बयान से देश भर में बवाल मचा हुआ है. सीएम नायडू ने कहा था कि तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद को चर्बी वाले घी में तैयार किया जाता था। उनके इस बयान के बाद ही देश भर के मंदिरों ने भगवान के भोग में मिठाई के इस्तेमाल को रोकने की कवायद शुरू की है।