इंफाल।
मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा को एक साल से भी ज्यादा का समय हो गया है। हिंसा कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। अभी एक नई और घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक म्यांमार के रास्ते मणिपुर में प्रशिक्षित कुकी उग्रवादियों ने घुसपैठ को अंजाम दिया है। इसी वजह से सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मणिपुर के मुख्य सलाहकार का बयान :
इस मामले में मणिपुर सरकार के मुख्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह का एक बयान सामने आया कि सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स सहित केंद्रीय बलों को म्यांमार की सीमा से लगे जिलों -फेरजावल, तेंगनौपाल और कामजोंग में हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, सीआरपीएफ (CRPF) के पूर्व महानिदेशक सिंह ने कहा कि जब तक खुफिया जानकारी गलत साबित नहीं हो जाती, तब तक हमारी सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में कड़ी नजर हैं। उन्होंने कहा कि चुराचांदपुर और उखरूल जिलों में भी सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। सिंह ने कहा कि घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की गतिविधि की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
बता दें मुख्य सुरक्षा सलाहकार का यह बयान हाल ही में मिली खुफिया सूचनाओं के बाद आया है, जिसमें 28 सितंबर के आसपास मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा हमले की योजना बनाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर को ‘रणनीतिक ऑपरेशन समूह’ की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें स्थिति से निपटने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में सेना, असम राइफल्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य पुलिस के अधिकारी मौजूद थे। सिंह ने कहा कि मिश्रित आबादी वाले, परिधीय गांवों और उन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा के इंतजाम किए जायेंगे। जहां निर्माण गतिविधियां चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि एडवांस एंटी ड्रोन सिस्टम और जैमर की तैनाती के चलते सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ हफ्तों में 15 से 17 ड्रोन को सफलतापूर्वक पकड़ा है. हाल के सुरक्षा अभियानों में लगभग 28.5 किलोग्राम वजन के सात इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि पिछले साल 3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद 6000 हथियारों में से लगभग 2681 बरामद किए गए, जिनमें से केवल 1200 लूटे गए हथियार हैं.