बुलंदशहर।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने जब से राजनीति में कदम रखा है तभी से विवादों से इस कदर घिर गई की उनकी राजनीति विवादित राजनीति में तब्दील हो गई। फिर चाहे वो 2020 में हुए दिल्ली दंगे और CAA का विरोध करने वालों को देशद्रोही कहना हो या सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हुए महाराष्ट्र की सियासत में मचे हड़कंप पर तात्कालिक उद्धव सरकार से भयंकर टकराव की स्थिति उत्पन्न होना, खासकर शिवसेना नेता संजय राऊत के साथ, या फिर कंगना द्वारा फिल्म प्रोड्यूसर करन जोहर को फादर ऑफ नेपोटिज्म (father of nepotism) बुलाए जाने पर बॉलीवुड के कुछ फिल्मी सितारों और कंगना के बीच आमने सामने की टक्कर दिखी।
किसान नेता गंजेंद्र शर्मा ने किया आरोप पत्र दाखिल
इसके अलावा कंगना का विवादित एक और बयान सामने आया था। जो कि किसानों के खिलाफ था। इसी कारण भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंडित गजेंद्र शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
पंडित गजेंद्र शर्मा ने कहा कि किसानों के खिलाफ लाए गए तीन काले कानून के खिलाफ किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) किसान शक्ति के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि 24 अगस्त को भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मुंबई में एक इंटरव्यू के दौरान विवादित बयान दिया। जिसमें कंगना ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान वहां दुष्कर्म व हत्याएं हुईं। उन्होंने कहा कि यदि भारत में सरकार कमजोर होती तो वहां बांग्लादेश जैसी स्थिति बन सकती थी। किसान आंदोलन के नाम पर केवल हिंसा फैलाने का काम किया गया और मौके पर दुष्कर्म करते हुए हत्याएं की गईं।
कोर्ट की और से कंगना को मामले में 25 अक्टूबर को पेश होने का आदेश
उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को मामले में उन्होंने किसानों के साथ लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। जबकि दो सितंबर को प्रधानमंत्री के नाम शिकायत ऑनलाइन भेजी थी, लेकिन इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। जिससे साफ है कि बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने किसानों का अपमान किया है, जोकि न्यायिक व सामाजिक दृष्टि से गलत है। दरअसल, गजेंद्र शर्मा की ओर से विभिन्न चैनल पर चलाए गए इंटरव्यू की सीडी भी कोर्ट में जमा की गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने मामले में 25 अक्तूबर को कंगना रनौत को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
कंगना की एक और मुसीबत “फिल्म इमरजेंसी की रिलीज़ पर रोक”
वर्तमान में कंगना रनौत एक और मुसीबत से जूझ रही हैं और वो है उनकी फिल्म इमरजेंसी। जिस पर काफी दिनों से लगातार विवाद बना हुआ है। आपको बता दें ये फिल्म 1975 में भारत में लगी आपातकाल (इमरजेंसी) पर आधारित है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। यह फिल्म इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन और उस समय के ऐतिहासिक घटनाक्रम को चित्रित करती है। इस लेकर तमाम तरह के विवाद इस प्रकार हैं :
- इंदिरा गांधी की छवि पर विवाद
- राजनीतिक विवाद
- इतिहास की प्रस्तुति पर बहस
- कंगना का विवादास्पद व्यक्तित्व
- सेंसर बोर्ड और समाज के अन्य वर्गों की आपत्ति
यही वजह है कि “इमरजेंसी” फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही विवादों में उलझ गई जो कि कंगना के दोहरी मुसीबत लेकर आई है।