गाजियाबाद।
गाजियाबाद की एक महिला को ट्रेन का टिकट कैंसल कराने के लिए गूगल से मिले नंबर पर कॉल करना भारी पड़ गया। दरअसल, वो नंबर फ्रॉड का था। उसने महिला को अपनी बातों में ऐसा फंसाया कि वो कुछ समझ नहीं पाईं और खाते से 4 लाख 22 हजार रुपए निकाल लिए। पूरे मामले में पीड़ित महिला ने गाजियाबाद के थाना कौशांबी में एफआईआर कराई है। वैशाली निवासी प्रमिला वोहरा ने बताया- मैंने एक रेलवे टिकट ऑनलाइन बुक कराई थी। ऐन वक्त पर ट्रेन कैंसिल हो गई। इसलिए मैंने टिकट कैंसिल कराने के लिए गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च किया। वहां से मुझे एक नंबर मिला।
मैंने उस पर कॉल की। कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने रेलवे हेल्पलाइन से खुद को सतीश शर्मा बताया। उसने टिकट कैंसिल कराने के लिए मुझे एक एप डाउनलोड करने को कहा और उस एप का लिंक भेजा। मैंने एप डाउनलोड कर लिया। उसके अंदर एक फार्म मौजूद था। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और कंप्लेंट का कॉलम भरना था। कंप्लेंट वाले कॉलम में मैंने रिफंड भर दिया। प्रमिला वोहरा ने बताया- पूरा फॉर्म भरने के बाद कथित जालसाज ने मुझसे पूछा कि आप रिफंड किस तरह से लेना चाहती हो। मैंने यू पीआई का ऑप्शन दिया। इस पर उसने कहा कि यूपीआई में प्रॉब्लम चल रही है। नेट बैंकिंग के थ्रू रिफंड आ सकता है। मैंने नेट बैंकिंग की इन्फॉर्मेशन डाल दी। इसके बाद मुझे फॉरगेट पासवर्ड का मैसेज आया और चंद मिनटों में मेरे बैंक खाते से पैसे कटने शुरू हो गए। एसबीआई अकाउंट से 1.24 लाख रुपए, पीएनबी अकाउंट से 2.98 लाख रुपए कट गए। पीड़ित महिला के अनुसार- मेरा मोबाइल हैंग जैसा हो चुका था। ऐसा लग रहा था, जैसे मोबाइल का रिमोट फ्रॉड के हाथ में हो। मैंने एटीएम कार्ड को ब्लॉक करना चाहा तो वो भी नहीं हुआ। अब नेट बैंकिंग पर मेरे मोबाइल नंबर से लॉग इन भी नहीं हो रहा। आशंका है कि फ्रॉड ने नेट बैंकिंग का मोबाइल नंबर भी बदल दिया है। तमाम थक हारने के बाद कस्टमर केयर पर कॉल करके दोनों एटीएम कार्ड ब्लॉक कराए। लेकिन तब तक दोनों खातों से 4 लाख 22 हजार रुपए निकल चुके थे। थाना कौशांबी पुलिस ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।