Thursday, April 3, 2025
Home Breaking-News नमो ट्रेन का पर्यावरण के लिए नई पहल – स्टेशन के रूफ शेड पर लगेंगे 900 सोलर पैनल, रेन वॉटर होगा स्टोर

नमो ट्रेन का पर्यावरण के लिए नई पहल – स्टेशन के रूफ शेड पर लगेंगे 900 सोलर पैनल, रेन वॉटर होगा स्टोर

by POOJA BHARTI
0 comment

गाजियाबाद।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडॉर पर बनाया जा रहा न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन पर्यावरण फ्रेंडली होगा। सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इस स्टेशन के रूफ शेड पर 900 सोलर पावर पैनल लगाए जायेंगे। जिसके अंतर्गत हर साल साढ़े 6 लाख यूनिट से ज्यादा बिजली पैदा होगी। साथ ही इस स्टेशन पर बारिश के पानी के संचयन का भी प्रावधान किया जा रहा है। जिसके लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स बनाए जा रहे हैं। साथ ही आस-पास की हरियाली के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे।

एनसीआरटीसी का लक्ष्य : दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडॉर में 11 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करना

वर्तमान में स्टेशन की छत (रूफ स्ट्रक्चर) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके निर्मित होते ही इसके ऊपर सोलर पावर पैनल स्थापित किए जाएंगे। यहां उत्पादित बिजली का इस्तेमाल स्टेशन की लाइटिंग तथा अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों आदि को चलाने के लिए किया जाएगा। एनसीआरटीसी द्वारा एक सौर नीति अपनाई गई है, जिसका लक्ष्य अपने पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडॉर में 11 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करके नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को बढ़ाना है। इस पहल के अनुरूप ही आरआरटीएस स्टेशनों, डिपो, आरएसएस और अन्य इमारतों के ऊपर सोलर पावर पैनल लगाए जा रहे हैं। जिससे सालाना 11,500 टन सीओ2 उत्सर्जन में कमी आना अनुमानित है। जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि अब तक आरआरटीएस कॉरिडोर पर परिचालित सेक्शन के साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो स्टेशनों के साथ गाजियाबाद व मुरादनगर रिसीविंग सब स्टेशनों तथा आरआरटीएस डिपो में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जो वर्तमान में सक्रिय हैं। ये कुल मिलकर 3 मेगावाट से अधिक की बिजली उत्पादित कर रहे हैं। अपनी खपत से ज्यादा बिजली उत्पादित करने से ये सभी कार्बन नेगेटिव स्टेशन हैं।

न्यू अशोक नगर स्टेशन पर वर्षाजल संचयन के लिए 5 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स बनाए जा रहे हैं, जिनमें से तीन का निर्माण पूर्ण हो गया है। ये पिट्स स्टेशन और वायाडक्ट में एकत्रित जल को भूमि के अंदर समाहित कर लेंगे और इस प्रकार जल संग्रहण में अपना योगदान देंगे। एनसीआरटीसी पूरे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर वर्षा जल संचयन के लिए 900 से ज्यादा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स बना रहा है।

You may also like

Leave a Comment

Our Company

“हमारा न्यूज़ पोर्टल ताज़ा ख़बरों, उत्तेजक रिपोर्ट्स और गहराई से लिखे लेखों का एक संग्रह है। हम आपको जानकारी से लैस, विचारशीलता से भरपूर और समर्थनीय पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। हम आपके लिए सत्यता, विश्वासनीयता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं।”

Laest News

@2024 – All Right Reserved. Designed and Developed by KGS Groups