मुजफ्फरनगर।
उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में कावड़ यात्रा के दौरान हुए होटल ढाबों की नेम प्लेट मामला अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा के महंत स्वामी यशवीर महाराज की चेतावनी के बाद हाईवे के साथ-साथ मुजफ्फरनगर शहर में स्थित उन सभी होटल में ढाबों के नाम बदले गए थे जिनके मालिक मुस्लिम थे और वह अपने होटल ढाबों को हिंदू देवी देवताओं के नाम से संचालित कर रहे थे या फिर अपने ढाबों पर हिंदू देवी देवताओं की तस्वीर लगाकर काम कर रहे थे। नगर कावड़ समाप्त होने के बाद फिर उन होटल व ढाबा स्वामियों ने फिर से नाम बदलकर फिर विवाद खड़ा कर दिया है रुड़की रोड स्थित संगम ढाबे के नाम से संचालित एक ढाबा स्वामी ने स्वामी यशवीर महाराज की चेतावनी के बाद अपने ढाबे का नाम बदलकर सलीम ढाबा कर लिया था मगर कुछ दिन बाद फिर वापस संगम रेस्टोरेंट लिख दिया है जिसको लेकर चर्चा है कि कई ढाबों पर इसी तरह से नाम बदले गए हैं। नाम बदले जाने के बाद स्वामी यशवीर महाराज ने फिर होटल में ढाबा स्वामियों को 7 सितंबर तक की चेतावनी दे दी है कि यह सभी 7 सितंबर 2024 को सुबह 10 बजे तक अपना असली नाम लिख दे वरना वह खुद मौके पर पहुंचकर खुद बोर्ड उतार देंगे । स्वामी यशवीर महाराज ने इस मामले में प्रशासन को भी चेतावनी दे दी है