हैदराबाद।
बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार उनके किसानों पर दिए बयान ने उन्हें ट्रोलर्स के निशाने पर ला दिया है। इसी बीच, उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘इमरजेंसी’ भी विवादों में घिर गई है। ट्रेलर के रिलीज़ होते ही यह फिल्म सिख समुदाय के निशाने पर आ गई है, और अब तेलंगाना में इस पर बैन लगाने की तैयारी चल रही है। बता दें, यह फिल्म 6 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।
‘इमरजेंसी’ का ट्रेलर बना विवाद की जड़
फिल्म ‘इमरजेंसी’ का ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही विवादों का केंद्र बन चुका है। सिख समुदाय का आरोप है कि इस फिल्म ने उनकी भावनाओं को आहत किया है। इसके चलते तेलंगाना सरकार और सिख समुदाय के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की बात उठाई गई।
तेलंगाना सिख सोसायटी ने उठाई आवाज
तेलंगाना सिख सोसायटी का एक प्रतिनिधिमंडल, आईपीएस अधिकारी तेजदीप कौर मेनन की अगुवाई में, सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर से मिला। उन्होंने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपते हुए आरोप लगाया कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ सिख समुदाय के बलिदानों और प्रतिष्ठा को गलत ढंग से पेश करती है।
फिल्म पर प्रतिबंध लगाने पर विचार
बैठक के बाद, आईपीएस अधिकारी शब्बीर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को इन मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार इस परामर्श के बाद फिल्म पर प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार करेगी।
कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ का इंतजार
कंगना रनौत ने फिल्म ‘इमरजेंसी’ का निर्देशन खुद किया है, और इसमें वह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने जा रही हैं। इस फिल्म को लेकर कंगना के फैंस में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन दूसरी ओर यह विवादों से भी घिरी हुई है।