सहारनपुर।
उत्तर प्रदेश के स्मार्ट सिटी सहारनपुर में 40 से ज्यादा नगर निगम पार्षदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पार्षदों पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के दफ्तर में घुस कर न सिर्फ बदसलूकी का आरोप है बल्कि हाथापाई और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगा है। अधिशासी अभियंता की तहरीर के आधार पर थाना जनपुरी में पार्षदों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन पार्षदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनमे ज्यादातर पार्षद भाजपा से हैं। लोक निर्माण विभाग अधिमारी के साथ हुई घटना के बाद डिप्लोमा इंजीनियर संघ, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसियशन और सहारनपुर कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन पीड़ित अधिकारी के साथ आ गया है।
आपको बता दें कि गुरूवार को थाना जनपुरी इलाके के लोक निर्माण विभाग में 40 से ज्यादा नगर निगम पार्षद पहुंचे थे। जहां पार्षदों ने अधिशासी अभिंयता धर्मेंद्र सिंह का घेराव कर लिया। अधिशासी अधियन्ता ने बैठने को कहा तो पार्षदों ने नारेबाजी कर हंगामा शुरू कर दिया। कई पार्षदों ने जूते-चप्पल निकाल कर धर्मेंद्र सिंह को मारने की कोशिश की। जबकि कई पार्षदों ने उनके साथ गाली-गलौच तक कर दी। इतना ही नहीं दफ्तर में बैठी महिला अधिकारीयों के सामने बदसलूकी करते हुए सरकारी कार्य को रुकवा दिया। पार्षदों को शांत करने की कोशिश की गई तो हाथापाई भी कर दी। अधिशासी अभियंता के दफ्तर में शोर शराबा सुनकर अन्य अधिकारी और विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। पार्षदों की दबंगई और गुंडई की पूरी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और कुछ लोगों के मोबाइल में कैद हो गई।
ये है विवाद की वजह:
पार्षदों का आरोप था कि अधिशासी अभिंयता धर्मेंद्र सिंह ने वार्ड नंबर 13 के पार्षद प्रतिनिधि के साथ बदसलूकी की है। पार्षदों के मुताबिक़ वार्ड नंबर 13 में लोक निर्माण विभाग ने एक नाले का निर्माण कराया था। तेज बारिश के कारण नाले की दीवार गिर गई। जिसके चलते नाले के पास बने बाल्मीकि मंदिर की दीवार भी ढह गई थी। पार्षद पति अधिशासी अभिंयता पर मंदिर की दीवार लोक निर्माण विभाग के बजट से बनवाने का दबाव बना रहा था। करीब 10 दिन से लगातार फोन पर बात चल रही थी अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने निजी एवं सार्वजानिक सम्पत्ति की दीवार के लिए लोक निर्माण विभाग में बजट नहीं होने की बात कही थी। बावजूद इसके पार्षद पति अधिशासी अभिंयता को सुबह शाम फोन कर रहे थे।
वहीं अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पार्षद पति उन पर मंदिर की दीवार बनवाने के लिए अनावश्यक दबाव बना रहे थे। जबकि किसी भी मंदिर की दीवार बनाने का प्रावधान PWD में नहीं है। लगातार अनावश्यक दबाव के चलते उन्होंने पार्षद पति को यह बोल दिया कि दीवार बनवाने के लिए मुझे अपना घर बेचना पडेगा। लोक निर्माण विभाग में ऐसे किसी भी निर्माण कार्य कराने का बजट नहीं होता। इसी बात को लेकर पार्षदों ने अधिशासी अभियंता का घेराव कर न सिर्फ सरकारी कार्य में बाधा डाली बल्कि अभद्रता और हाथापाई भी कर दी। इतना ही नहीं महिला अधिकारियों के सामने गाली-गलौच कर जूते तक मारने का प्रयास किया। घटना के बाद से PWD अधिकारीयों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
PWD के लोग भी लामबंद:
वही अधिशासी अभियंता के साथ हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए इंजीनियर और ठेकेदार संगठन भी लामबंध हो गए है। इंजिनियर संगठनों ने आरोपी पार्षदों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है अगर दोषियों के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई तो इंजिनियर एसोसिएशन हड़ताल कर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगीं।
एक्शन में पुलिस:
अधिशासी अभियंता ने थाना जनकपुरी में तहरीर देकर तीन नामजद करते हुए 40 से ज्यादा पार्षदों के खिलाफ मुकदमा कराया है। एसपी सीटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के दफ्तर में घुस कर पार्षदों ने अभद्र व्यवहार किया है। एक अधिकारी के साथ बदसलूकी कर सरकारी कार्य में बाधा डाली है। तहरीर के आधार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल क्लिपिंग के आधार मामले की जांच की जा रही है। जाँच उपरान्त दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाई की जाएगी।