नई दिल्ली।
Rakshsbandhan 2024 :- देशभर में आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध उनकी दीर्घायु की कामना करेंगी और भाई जीवनपर्यंत अपनी बहन की सुरक्षा व सहयोग का वचन देंगे। लेकिन आज रक्षाबंधन पर भद्रा का साया है,लिहाजा बहनों को राखी बांधने के सही समय को लेकर दुविधा है। वाराणशी के ज्योतिषाचार्य पंडित बद्री विशाल ओझा के अनुसार आज का दिन बेहद विशेष है। इस दिन 6 शुभ संयोग बन रहे हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, राखी का त्योहार हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। जिसकी वजह से यह अत्यंत शुभ माना जा रहा है। हालांकि इस बार सुबह में सूर्योदय के साथ ही भद्रा लग गई है, इसकी वजह से रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह में न होकर दोपहर में है। आइए जानते हैं रक्षाबंधन के मुहूर्त, मंत्र, शुभ योग और राखी बांधने की विधि के बारे में….
रक्षाबंधन तिथि 2024:
रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा को मनाते हैं। पंचांग के आधार पर श्रावण पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त को है। श्रावण पूर्णिमा तिथि की शुरूआत: आज, सोमवार, 03:04 AM सेश्रावण पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: आज, सोमवार, रात 11:55 PM पर।
रक्षाबंधन 2024 के 6 शुभ संयोग:
- रवि योग:
प्रातः 05:53 से सुबह 08:10 तक
2. सर्वार्थ सिद्धि योग:
सुबह 05:53 बजे से सुबह 08:10 बजे तक।
3. शोभन योग:
सूर्योदय 05:53 से रात तक।
4. राज पंचक:
शाम 07बजे से कल प्रातः 05:53 तक।
5. अंतिम सावन सोमवार व्रत।
6. सावन पूर्णिमा व्रत, स्नान और दान
रक्षाबंधन पर भद्रा कब से कब तक?
रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया सुबह से ही है। भद्रा का प्रारंभ प्रातः 05:53 से है और इसका समापन दोपहर 01:32 पर होगा। इस तरह से भद्रा का साया 7 घंटे 39 मिनट तक रहेगा। भद्रा के बाद ही राखी बांधनी चाहिए। रक्षाबंधन पर राहुकाल सुबह 07:31 से सुबह 09:08 बजे तक है।
रक्षाबंधन मुहूर्त 2024:
आज रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए 7 घंटे से अधिक समय तक का शुभ मुहूर्त है। राखी बांधने का शुभ समय 1 बजकर 32 मिनट से रात 9 बजकर 08 मिनट तक है।
राखी बांधने का मंत्र:
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:,तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचल।
रक्षाबंधन 2024 पूजा विधि और राखी बांधने का तरीका
1. शुभ मुहूर्त में बहन को चाहिए कि वे तांबे, पीतल, चांदी आदि की थाली में चंदन या रोली, अक्षत्, दही, राखी या रक्षा सूत्र, मिठाई, नारियल, दीपक, माचिस आदि सामग्री रख लें।
2. राखी वाले दिन बहन को काले या सफेद कपड़े पहनने से बचना चाहिए। ऐसा ही भाई को भी करना चाहिए। राखी का रंग भी काला न हो।
3. अब आप शुभ समय में भाई को एक आसन पर बैठाएं। ध्यान रखें कि उनका मुख पूर्व की ओर रहे। भाई के सिर को रूमाल से ढक दें।
4. सबसे पहले भाई को चंदन और दही से तिलक लगाएं। उस पर अक्षत् जरूर लगाएं। उसके बाद उसके दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधते समय मंत्र पढ़ें. मंत्र याद नहीं है तो मंगलकामना करें। यदि आपके पास राखी नहीं है तो आप रक्षा सूत्र भी बांध सकती हैं।
5. फिर दीप जलाकर भाई की आरती उतारें और मिठाई खिलाएं। बड़ी बहन हैं तो भाई उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और भाई बड़े हैं तो बहन उनका आशीर्वाद लें। भाई बहन को दक्षिणा स्वरूप कुछ रुपए और उपहार दें।