बलिया।
खनन माफियाओं और पुलिसकर्मियों की सांठ-गांठ की शिकायत पर एडीजी और डीआईजी ने जब सादी वर्दी में छापा मारा , तो गज़ब ही माहौल निकला। लेनदेन छोड़ पुलिसकर्मी और बालू माफिया में भगदड़ मच गई। टीम ने लगभग 20 लोगों को धर दबोचा है, जिनमें 3 पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के बलिया के जोर नरही थाने का है। जहां वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया और आजमगढ़ के डीआईजी वैभव कृष्ण अपनी टीम के साथ शादी वर्दी में पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अचानक सर्च ऑपरेशन चला दिया। सीनियर अधिकारियों को पहचानते ही थाने में हड़कंप मच गया। मौके से ही तीन पुलिसकर्मी समेत 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान कई आरोपियों पर कार्रवाई की गई। शराब, पशु तस्करी, लाल बालू की तस्करी समेत लगातार मिल रही कई शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक मोबाइल और कई बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान एडीजी ने नरही थानाध्यक्ष का कमरा सील करा दिया। बताया जा रहा है कि वो दीवार फांद कर फरार हो गए हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों के बॉक्स खंगाले गए। एडीजी के छापेमारी के दौरान बलिया एसपी भी मौजूद रहे।
अलिखेश यादव ने बोला हमला:

बलिया में एडीजी वाराणसी जोन की छापेमारी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छापा मारा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि यूपी में नया खेल चल रहा है। पहले होता था ‘चोर-पुलिस’ और भाजपा सरकार में ‘पुलिस-पुलिस’ हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का यह भंडाफोड़ है।