वतन केसरी डेस्क।
Indian Army –लद्दाख में पिछले साल अक्टूबर महीने में माउंट कुन पर आए भयंकर बर्फ़ीले तूफान के नौ महीने बाद सेना से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सेना को तूफान के बाद से लापता 3 सैनिकों के शव अब जाकर बर्फ में दबे मिले हैं।
बता दें कि इस तूफान की चपेट में 38 सैनिक आ गए थे। जिसमें से एक सैनिक लांस नायक स्टैनजिन टार्गैस की उसी समय मौत हो गई थी। जबकि हवलदार रोहित कुमार, हवलदार ठाकुर बहादुर आले और नायक गौतम राजवंशी तब से ही लापता थे। बाकी सभी सैनिकों को बचा लिया गया था।
इस पूरे ऑपरेशन की कमांड हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) के डिप्टी कमांडेंट ब्रिगेडियर और तीन बार एवरेस्ट पर चढ़ने वाले एसएस शेखावत ने किया था।
ऐसे चला ऑपरेशन RTG:
तीनों लापता सैनिकों को तलाशने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया, जिसका नाम सैनिकों के नाम पर ही रखा गया। 18 जून को शुरू किए गए इस ‘ऑपरेशन RTG (रोहित, ठाकुर, गौतम)’ में 88 विशेषज्ञ पर्वतारोही शामिल थे। खुम्बाथांग से लगभग 40 किलोमीटर पहले एक कैंप स्थापित किया गया और दो हेलीकॉप्टर को भी तैयार रखा गया। सड़क से करीब 13 किलोमीटर दूर 14,790 फुट की ऊंचाई पर आधार शिविर स्थापित किया गया।
9 दिन चली खुदाई:
ब्रिगेडियर एसएस शेखावत ने बताया कि लगभग 9 दिनों तक इस ऑपरेशन में रोज 10-12 घंटों तक खुदाई करते हुए 18,700 फीट तक पहुंची गई। उन्होंने बताया कि यह मिशन शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। कई टन बर्फ हटाने के बाद हम इन सैनिकों तक पहुंच पाए।