वतन केसरी डेस्क।
लोकसभा चुनाव 2024 का पर्दा गिर चुका है। सियासी मंचों के तमाशे बन्द हो चुके हैं। कुछ घंटों बाद इस लोकतंत्र के इस पर्व का समापन अंतिम चरण के मतदान के साथ हो जाएगा। फिर 4 जून तक के लिए तमाम सियासी तकदीरें ईवीएम में कैद हो जाएंगी। चुनाव के दौरान देश की तमाम पार्टियों का गठबंधन एक तरफ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक तरफ। प्रचार का अंतिम दौर आते आते दोनों खेमों के तीर लगभग खत्म हो चुके थे, लेकिन ऐन वक्त पर पीएम मोदी ऐसा ब्रह्मास्त्र छोड़ दिया है कि पूरे विपक्ष में मानो तूफान आ गया है।

पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद 45 घंटे की ध्यान साधना में जाने का ऐलान कर दिया। उसके बाद विपक्ष ने इसे भी एक प्रचार का हथकंडा बता डाला। मीडिया कवरेज पर आपत्ति उठाई ,लेकिन पीएम मोदी का ध्यान जारी है। बताया जा रहा है कि इस ध्यान साधना के दौरान 45 घंटे पीएम अन्न भी ग्रहण नहीं करेंगे। सूत्रों की माने तो जरूरत पड़ने सिर्फ केवल नींबू पानी ,नारियल पानी और अंगूर का जूस आदि तरल पदार्थ का सेवन करेंगे।
बिन बोले भी चर्चा में हैं मोदी:
तमिलनाडु के कन्याकुमारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साधना में लीन हो चुके हैं। ध्यान मुद्रा के दौरान पीएम मोदी किसी से बात भी नहीं करेंगे। लेकिन इनका ये मौन विपक्ष का शोर बनकर देश भर में गूंज रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने साधा निशाना:

पीएम मोदी की ध्यान साधना पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”सुना है कि वो अब दूर कहीं चले गए हैं। परिणाम आने से पहले तपस्या के लिए दूर चले गए। जब आखिरी में परिणाम नहीं आएगा, तब कह पाएंगे कि हमारी तपस्या में कुछ कमी रह गई थी। 4 जून को मंगल है, मंगल ही हो जाएगा उस दिन।’
अखिलेश बोले:

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ”जिन्होंने कहा था कि अच्छे दिन लाएंगे, वे अच्छे दिन तो नहीं ला पाएंगे, लेकिन 4 जून को हारेंगे वो तो देश के सुनहरे दिन होंगे। हमारे आपके खुशियों के दिन होंगे।”