छत्तीसगढ।
बेमेतरा में बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट हादसे में नौ मजदूरों की मौत मामले में सरकार की तरफ से मृत मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है तो वहीं स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद फैक्ट्री की तरफ से पांच लाख मुआवजा की बात कलेक्टर ने कही है।
घटना के तीसरे दिन सोमवार को बेमेतरा के तहसीलदार मृतक मजदूरों के परिजनों के पास पहुंचे, जहां उन्हें पांच लाख का चेक देने की कोशिश की, जिसको लेकर मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कहा कि किसी भी हालत में हम यह चेक नहीं लेंगे। इसके बाद तहसीलदार को बैरंग लौटना पड़ा।
ये भी पढ़ें:- छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा, बेमेतरा की बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट, कई की मौत
कम्पनी का चेक तहसीलदार क्यों लाया:
घटना कई तरह के सवाल खड़े करती है कि आखिर सरकार का कर्मचारी तहसीलदार वह कंपनी का चेक लेकर मृतक मजदूर के परिजनों के पास क्यों पहुंच रहा है? क्या कंपनी प्रबंधन की तरफ से कोई जिम्मेदार नहीं है, जो मृतकों के परिजनों से मुलाकात करें उन्हें सांत्वना दें? मृतक मजदूरों के लिए उचित मुआवजे की बात क्यों नही की जा रही। मृतक मजदूरों के परिजनों से बात की उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर कई तरह के गंभीर आरोप लगा रहे है उनका कहना है कि प्रबंधन को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।