नई दिल्ली।
जिस नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर देश भर में जबरदस्त विरोध हुआ । लंबा प्रदर्शन चला। सरकारों की मंशा पर सवाल उठाए गए। अब उसी अधिनियम के तहत देश में पहली बार 14 लोगों को नागरिकता मिल गई है। ये नागरिकता भी उस बच्ची की बदौलत मिली , जिसका नाम ही इस अधिनियम के पारित होने के बाद ‘नागरिकता’ रखा गया था।
मिली जानकारी के अनुसार नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित होने से पहले बच्ची का जन्म दिल्ली के मजनू का टीला में स्थित एक पुनर्वास कॉलोनी में हुआ था। लोकसभा में जब CAA पास हुआ तो उसके बाद परिवार ने बच्ची को नागरिकता नाम दिया। हिंदू रिफ्यूजी परिवार साल 2012 में भारत आया था। इस बच्ची के नाम का जिक्र प्रधानमंत्री ने भी किया था। हालांकि, बुधवार (15, मई) को उसी बच्ची के परिवार के दो सदस्यों को नागरिकता मिल गई है।
बीजेपी ने दी बधाई:
नागरिकता मिलने के बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने हिंदू रिफ्यूजी परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा, ”यह भारत के लिए एक नए युग का क्षण है, जब नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी की है।”
जानिए , क्या है CAA:
बता दें कि CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। भारत की नागरिकता के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया जारी है। हालांकि, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के आदिवासी बहुल इलाकों में सीएए लागू नहीं होगा।