लखनऊ।
लोकसभा चुनाव की सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। सियासी चेहरों के बयान सुर्खियां बटोर रहे हैं। फिलहाल ये दौर गारंटी का चल रहा है। कई चुनावी गारंटियों के बाद अब उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के ‘8 वचन’ चर्चा में हैं।
दरअसल, अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता की। जिसके बाद सपा नेता ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया और तस्वीरों के साथ 8 वचनों का जिक्र किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि रोटी, कपड़ा और मकान ,पर सबसे पहले संविधान।
ये 8 वचन:
संविधान, आरक्षण, लोकतंत्र बचाने; अमीर ग़रीब का अंतर मिटाने; सबके हक़ की रक्षा करने के लिए इंडिया गठबंधन की सरकार लाने का संकल्प दोहराया गया, और महंगाई, बेरोज़गारी और चुनावी चंदे लेकर बेतहाशा भ्रष्टाचार बढ़ानेवाली; चुनावी धांधली के रिकार्ड बनानेवाली; महिला अत्याचार पर चुप्पी साधनेवाली; कंपनी से पैसा लेकर बिना जाँच पड़ताल के जानलेवा वैक्सीन लगवानेवाली PDA पर अत्याचार करनेवाली शोषणकारी भाजपा को हटाने का वचन दोहराया गया।